ट्रेडिंग में लाभ कमाना जितना महत्वपूर्ण है, उससे कहीं अधिक जरूरी है जोखिम को नियंत्रित करना। इसी जोखिम प्रबंधन (Risk Management) का सबसे पहला और मजबूत कदम है — इनिशियल स्टॉप लॉस (Initial Stop Loss)।
इस लेख में हम समझेंगे कि इनिशियल स्टॉप लॉस क्या होता है, इसे कैसे सेट करें, और यह आपकी ट्रेडिंग को सुरक्षित बनाने में कैसे मदद करता है।
इनिशियल स्टॉप लॉस क्या है?
इनिशियल स्टॉप लॉस वह मूल्य (Price Level) होता है जिसे आप ट्रेड में एंट्री लेते समय पहले से तय कर देते हैं। यदि बाजार आपकी उम्मीद के विपरीत दिशा में जाता है, तो इसी स्तर पर आपका ट्रेड स्वतः बंद हो जाता है।
स्टॉप लॉस ऑर्डर यह एक टूल है जिसका उपयोग टेडर्स और इन्वेस्टर्स द्वारा नुकसान को मर्यादित करने के लिए और रिस्क एक्सपोजर को घटाने के लिए होता है। स्टॉप लॉस ऑर्डर लगाने का अर्थ यह होता है कि यदि ट्रेड आपके खिलाफ गया तो ऐसे वक्त ट्रेडिंग में होने वाले नुकसान को मर्यादित करना।
सेल स्टॉप लॉस ऑर्डर यह एक ऐसा ऑर्डर है जो लाँग पोजिशन में सुरक्षा प्रदान करता है। उसे वर्तमान बाज़ार भाव के नीचे सेट किया जाता है और यदि भाव घटकर उस स्तर पर आया तो वह ट्रिगर होता है।
बाय स्टॉप लॉस ऑर्डर यह एक ऐसा ऑर्डर है जो शॉर्ट पोजिशन में सुरक्षा प्रदान करता है। उसे वर्तमान बाज़ार भाव के ऊपर सेट किया जाता है और यदि भाव बढ़कर उस स्तर पर आया तो वह ट्रिगर होता है।
जब कोई भी व्यक्ति अपनी मेहनत की कमाई से सिक्योरिटीज़ में ट्रेडिंग करता है तब वह ऐसी आशा करता है कि उसे नुकसान न हो। इसलिए किसी भी ट्रेड को एक्जिक्युट करते ही तुरंत ट्रेडिंग सिस्टम में स्टॉप लॉस लगाना महत्वपूर्ण होता है।
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स्टॉप लॉस का क्या महत्व है, यह समझाने के लिए मैंने नीचे दो महत्वपूर्ण सूत्र दिए है -
“शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग हो या लाँग टर्म इन्वेस्टमेन्ट, हमेशा स्टॉप लॉस निश्चित करें और उस पर अमल करें। एक बार स्टॉप लॉस ट्रिगर हुआ तो लॉस बुक करें और एक्झिट हो जाए। कभी भी ज्यादा आशावादी न बनें और नुकसान हो रहा हो तब भी पोजिशन को होल्ड करके न रखें।" - अज्ञात
"आप सही है या गलत है यह मायने नहीं रखता, आप जब सही है तो कितने पैसे कमाते हो और आप जब गलत होते है तब कितने पैसे गवाँते है, यह मायने रखता है।" - जार्ज सोरोस
स्टॉप लॉस ऑर्डर बडे और अनियंत्रित नुकसान से बचाता है। खासकर जब मार्केट अथवा आप जिस सिक्योरिटी में टेड करते है उसमें बहुत वोलैटिलिटी नज़र आती है तब स्टॉप लॉस ऑर्डर खास महत्वपूर्ण होता है।
मैंने ऐसे कई लोगों को देखा है जो कहते है कि हम तो स्टॉप लॉस अपने दिमाग में ही सेट करते है और जब ट्रेड हमारे खिलाफ जाता है तब हम लॉस बुक करते है। लेकिन मैं सभी को सुझाव देता हूँ कि कभी भी अपने दिमाग में स्टॉप लॉस को न रखें, उसे सिस्टम में सेट करें।
यदि आपने सिस्टम में स्टॉप लॉस नहीं लगाया और उसे सिर्फ दिमाग में ही रखा तो यह केवल कुछ समय की बात है जब एक बड़े नुकसान की स्थिति आपके नियंत्रण से बाहर हो जाती और आपका अधिकांश ट्रेडिंग प्रॉफिट धूल जाता है।.
मैंने ऐसे भी लोग देखें है, जिन्होंने ट्रेडिंग में सही स्टॉप लॉस स्ट्रैटजी को लागू नहीं किया और उन पर घर और अन्य संपत्ति बेचने तक की बारी आई।
इसलिए, आप जब भी किसी ट्रेड को एक्झिक्युट करते है तभी अपने ट्रेडिंग सिस्टम में स्टॉप लॉस को सेट कर दे।
स्टॉप लॉस ऑर्डर का उपयोग करने का एक महत्वपूर्ण फायदा यह है कि आपको अपनी ट्रेडिंग पोजिशन को लगातार मॉनिटर करने की आवश्यकता नहीं होती।
कई लोग और खासकर नए ट्रेडर्स यह तय नहीं कर सकते कि स्टॉप लॉस कहाँ पर लगाए। इसलिए स्टॉप लॉस की गणना करने वाले कई सामान्य तरीकों के बारे में मैंने इस चैप्टर में समझाने का प्रयास किया है।
कई स्टॉप लॉस स्ट्रैटजी है, लेकिन अंत में ट्रेडर के जोखीम उठाने की व्यक्तिगत क्षमता और प्रत्येक ट्रेड में वह महत्तम कितनी रकम गवाँ सकते है, इस पर निर्भर करता है।
एन्ट्री लेवल के ज्यादा दूर स्टॉप लॉस सेट करने से बड़ा नुकसान हो सकता है और वैसे ही एन्ट्री लेवल के बहुत करीब स्टॉप लॉस सेट करने से बहुत जल्द स्टॉप लॉस हिट हो सकता है और आप जल्दी से ट्रेड से बाहर निकल सकते है।
इसलिए, सही भाव पर स्टॉप लॉस सेट करना बहुत महत्वपूर्ण होता है और ट्रेड आपके खिलाफ जाता हो तो एक्झिट करने में ही होशियारी है।
ट्रेडिंग में सफल होने के लिए, प्रत्येक ट्रेडर को एक ट्रेडिंग प्लान स्थापित करना अनिवार्य है और स्टॉप लॉस निश्चित करना यह किसी भी ट्रेडिंग प्लान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
ट्रेडिंग प्लान आपको यह जानने में मदद करता है कि मुनाफा कब बुक करना है और यदि आपकी योजना के अनुसार ट्रेड नहीं हुआ तो नुकसान कब बुक करना है।
यह एक हकिकत है कि ९५ प्रतिशत लोग ट्रेडिंग में पैसे गवाँते है और उसका सिर्फ एक ही कारण है कि वह उचित ट्रेडिंग प्लान नहीं बनाते और गैर-जिम्मेदाराना तरीके से ट्रेडिंग करते है और एन्टर या एक्झिट कब होना है यह उन्हें पता नहीं होता।
आगे मैंने कुछ लोकप्रिय स्टॉप लॉस स्ट्रैटजीज़ को समझाया है। हमेशा याद रखें, कोई भी स्ट्रैटजी सही या गलत नहीं होती। आप जो भी स्ट्रैटजी पसंद करते ह, वह आपके ट्रेडिंग स्टाईल, जोखीम उठाने की क्षमता और आप प्रत्येक ट्रेड में महत्तम कितने रूपए गवाँने को तैयार हो, उस पर निर्भर करती है।
आपके लिए कौन सी स्ट्रैटजी सही है और कौन सी स्ट्रैटजी सही नहीं, यह केवल एक निश्चित समय के लिए प्रत्येक स्ट्रैटजी को आजमाने के बाद है पता चल सकता है।
दुसरे लोक जिस स्ट्रैटजी से कमाई कर रहे है, वह स्ट्रैटजी आपको कमाई करके देगी, ऐसा कभी भी न सोचें।
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स्टॉप लॉस स्ट्रैटजी के प्रकार
- पर्सन्टेज पर आधारित स्टॉप लॉस
- मूविंग एवरेज पर आधारित स्टॉप लॉस
- सपोर्ट या रेजिस्टन्स पर आधारित स्टॉप लॉस
- पैटर्न पर आधारित स्टॉप लॉस
1. पर्सन्टेज पर आधारित स्टॉप लॉस
इस तरीके में स्टॉप लॉस की गणना आपके ट्रेड के एन्ट्री प्राइस के निश्चित 'X' प्रतिशत नीचे (लाँग पोजिशन के लिए) या उसके ऊपर (शॉर्ट पोजिशन के लिए) के रूप में की जाती है। आप ट्रेड पर महत्तम कितना नुकसान लेने के लिए तैयार हो, उस पर यह निर्भर करता है। मैंने कुछ उदाहरणों द्वारा इस बात को समझाने का प्रयास किया है।
मान लीजिए कि आप किसी कंपनी के शेअर्स रू. १०० के भाव से खरीदते है (लाँग पोजिशन) और आप उसमें पाँच प्रतिशत तक जोखीम उठाने को तैयार है। तो इस मामले में आपको सिस्टम में रू.९५ का स्टॉप लॉस ऑर्डर लगाना होगा। यदि शेअर्स का भाव रू.९५ हुआ तो आपकी पोजिशन स्क्वेअर ऑफ हो जाएगी और परिणाम स्वरूप आपको प्रति शेअर रू.५ का नुकसान होगा (रू.१०० का ५ प्रतिशत)।
वैसे ही मान लीजिए कि आप किसी कंपनी का फ्यूचर कॉन्ट्रॅक्ट रू.५०० के भाव से बेचते है (शॉर्ट पोजिशन) और आप उसमें पाँच प्रतिशत तक जोखीम उठाने को तैयार है। तो इस मामले में आपको सिस्टम में रू.५२५ का स्टॉप लॉस ऑर्डर लगाना होगा। यदि शेअर्स का भाव रू.५२५ हुआ तो आपकी पोजिशन स्क्वेअर ऑफ हो जाएगी और परिणाम स्वरूप आपको प्रति शेअर रू.२५ का नुकसान होगा (रू.५०० का ५ प्रतिशत)।
स्टॉप लॉस लगाने की यह सबसे सरल स्ट्रैटजी है। लेकिन यह कोई वैज्ञानिक तरीका नहीं है और इसलिए यह सिर्फ नए ट्रेडर के लिए ही उपयुक्त है।
2. मूविंग एवरेज पर आधारित स्टॉप लॉस
इस तरीके में स्टॉप लॉस को मूविंग एवरेज के नीचे लगाया जाता है, जो ट्रेड एन्ट्री प्राइस के नीचे होता है (लाँग पोजिशन के लिए) अथवा मूविंग एवरेज के ऊपर लगाया जाता है. जो टेड एन्ट्री प्राइस के ऊपर होता है (शॉर्ट पोजिशन के लिए)।
अब मूविंग एवरेज के पीरियड का चयन आपके ट्रेडिंग पर निर्भर करता है, यानी के आपने इन्ट्राडे, स्विंग, पोजिशनल या शॉर्ट टर्म ट्रेड लिया है। प्रसिद्ध मूविंग एवरेज १०, २०, ५०, २०० दिनों की होती है और उन्हें चार्ट पर लगाकर स्टॉप लॉस को पूर्वनिर्धारित किया जा सकता है।
मैंने कुछ उदाहरणों द्वारा इस बात को समझाने का प्रयास किया है।
मान लीजिए कि आप किसी कंपनी के शेअर्स रू.१०० के भाव से शॉर्ट टर्म स्विंग ट्रेडिंग के लिए खरीदते है (लाँग पोजिशन) जिनकी ५० दिनों की मूविंग एवरेज रू.९६ पर है। तो इस मामले में आपको सिस्टम में रू.९६ से थोड़े कम भाव पर स्टॉप लॉस ऑर्डर लगाना होगा।
वैसे ही मान लीजिए कि आप इन्ट्राडे ट्रेडिंग के लिए शॉर्ट पोजिशन लेते है और किसी कंपनी के शेअर्स रू.२०० के भाव से बेचते है जिनकी २० दिनों की मूविंग एवरेज रू.२०५ पर है। तो इस मामले में आपको सिस्टम में रू.२०५ से थोड़े ऊपर के भाव पर स्टॉप लॉस ऑर्डर लगाना होगा।
3. सपोर्ट या रेजिस्टन्स पर आधारित स्टॉप लॉस
अनुभवी ट्रेडर्स स्टॉप लॉस लगाने के लिए अक्सर इस तरीके का उपयोग करते है। यह तरीका अधिक सटीक और विश्वसनीय है।
इस तरीके में लाँग पोजिशन के लिए सपोर्ट लेवल के नीचे स्टॉप लॉस लगाया जाता है और शॉर्ट पोजिशन के लिए रेजिस्टन्स लेवल के ऊपर लगाया जाता है।
पहले दिखाए तरीकों की तुलना में यह थोड़ा मुश्किल तरीका है क्योंकि इस तरीके में आपको चार्ट का अभ्यास करना पड़ता है और महत्वपूर्ण सपोर्ट या रेजिस्टन्स लेवल को ढूँढना पड़ता है।
चार्ट पर सपोर्ट और रेजिस्टन्स लेवल्स को किस प्रकार प्लॉट किया जाता है, इसकी जानकारी पुस्तक में पहले दी है।
इस बात को मैंने कुछ उदाहरणों द्वारा समझाने का प्रयास किया है।
मान लीजिए कि आप किसी कंपनी के शेअर्स रू.५० के भाव से शॉर्ट टर्म के लिए खरीदते है (लाँग पोजिशन), जिसका चार्ट रू.४५ पर मजबूत सपोर्ट दर्शाता है। तो इस मामले में आपको सिस्टम में रू.४५ से थोड़े कम भाव पर स्टॉप लॉस ऑर्डर लगाना होगा।
वैसे ही मान लीजिए कि आप किसी कंपनी का फ्यूचर कॉन्ट्रॅक्ट प्रति शेअर रू.२५० के भाव से बेचते है (शॉर्ट पोजिशन), जिसका चार्ट रू.२६० पर मजबूत रेजिस्टन्स दर्शाता है। तो इस मामले में आपको सिस्टम में रू.२६० के थोड़े ऊपर स्टॉप लॉस ऑर्डर लगाना होगा।
4. पैटर्न पर आधारित स्टॉप लॉस
स्टॉप लॉस लगाने के लिए इस स्ट्रैटजी का व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है और विभिन्न चार्ट पैटर्न्स या कैन्डलस्टिक पैटर्न्स पर से मिले ट्रेडिंग सिग्नल के आधार पर सिक्योरिटीज़ में ट्रेड करने वाले ट्रेडर्स इसका उपयोग करते है।
इस स्ट्रैटजी में, स्टॉप लॉस पूरी तरह से चार्ट पैटर्न या कैन्डलस्टिक पैटर्न पर निर्भर करता है, जिसके आधार पर ट्रेड पोजिशन ली गई थी।
उदाहरण के तौर पर, मान लीजिए कि आपने किसी स्टॉक के चार्ट में कप एन्ड हैन्डल पैटर्न को देखा और उसके आधार पर आपने लाँग पोजिशन ली, तो आपको पैटर्न के हैन्डल के हाल ही के स्विंग लो के नीचे स्टॉप लॉस को लगाना होगा। अगले पन्ने पर दिए गए चार्ट में यह दर्शाया है।
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| पैटर्न पर आधारित स्टॉप लॉस |
वैसे ही मान लीजिए कि आपने किसी स्टॉक के चार्ट में हेड एन्ड शोल्डर पैटर्न को देखा और उसके आधार पर आपने शॉर्ट पोजिशन ली, तो आपको राईट शोल्डर के एज के बिल्कुल ऊपर स्टॉप लॉस को लगाना होगा। नीचे दिए गए चार्ट में यह दर्शाया है।
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| पैटर्न पर आधारित स्टॉप लॉस |
यदि आपको किसी स्टॉक के चार्ट में बुलिश एन्गल्फिंग पैटर्न जैसा कैन्डलस्टिक पैटर्न दिखाई दिया और उसके आधार पर आपने लाँग पोजिशन ली, तो आपको बुलिश एनगल्फिंग कैन्डलस्टिक पैटर्न के नीचले स्तर से नीचे स्टॉप लॉस को लगाना होगा। अगले पन्ने पर दिए गए चार्ट में इस स्थिति को दर्शाया है।
वैसे ही यदि आपको किसी स्टॉक के चार्ट में डार्क क्लाऊड कवर जैसा कैन्डलस्टिक पैटर्न दिखाई दिया और उसके आधार पर आपने शॉर्ट पोजिशन ली, तो आपको डार्क क्लाऊड कवर कैन्डलस्टिक पैटर्न के टॉप के ऊपर स्टॉप लॉस को लगाना होगा। नीचे दिए गए चार्ट में इस स्थिति को दर्शाया है।
बॉटम लाइन
किसी भी सिक्योरिटी में स्टॉप लॉस के तरीके को निश्चित किए बिना कभी भी ट्रेड न करें क्योंकि यदि आपने सिस्टम में स्टॉप लॉस को नहीं लगाया और यदि ट्रेड आपके सोच के खिलाफ गया तो आपकी पूरी पूँजी धूल सकती है।
निष्कर्ष
इनिशियल स्टॉप लॉस ट्रेडिंग की सुरक्षा ढाल है। यह आपको बड़े नुकसान से बचाता है और लंबी अवधि में सफल ट्रेडर बनने में मदद करता है। अगर आप लगातार मुनाफा कमाना चाहते हैं, तो हमेशा ट्रेड में प्रवेश करने से पहले अपना इनिशियल स्टॉप लॉस तय करें।
FAQs
Q1. क्या हर ट्रेड में इनिशियल स्टॉप लॉस लगाना जरूरी है?
हाँ, प्रोफेशनल ट्रेडर्स हर ट्रेड में स्टॉप लॉस का उपयोग करते हैं।
Q2. इनिशियल स्टॉप लॉस कितना होना चाहिए?
यह आपकी रणनीति और जोखिम क्षमता पर निर्भर करता है, आमतौर पर 1–2% नियम सुरक्षित माना जाता है।
Q3. क्या स्टॉप लॉस हिट होना गलत ट्रेड का संकेत है?
नहीं, यह सिर्फ यह दर्शाता है कि बाजार आपकी उम्मीद के विपरीत चला।




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