कैंडलस्टिक पैटर्न का एडवांस एनालिसिस केवल चार्ट पर बनने वाली कैंडल को पहचानना नहीं है, बल्कि उनके पीछे छिपी मार्केट साइकोलॉजी को समझना है। बेसिक स्तर पर हम Doji, Hammer या Engulfing जैसे पैटर्न पहचानते हैं, लेकिन एडवांस स्तर पर हम यह देखते हैं कि ये पैटर्न कहाँ बन रहे हैं, किस ट्रेंड में बन रहे हैं, और वॉल्यूम क्या कह रहा है।
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| कैंडलस्टिक पैटर्न का एडवांस एनालिसिस |
पिछले पोस्ट में, मैंने विभिन्न कैन्डलस्टिक का परिचय दिया था और कैन्डलस्टिक पैटर्न के महत्व को समझाया था। इस पोस्ट में, मैं आपको यह समझाने जा रहा हूँ कि अनुभवी ट्रेडर्स कैन्डल्स को कैसे देखते है और उनसे महत्वपूर्ण जानकारी कैसे प्राप्त करते है और उसके अनुसार किस प्रकार से ट्रेड करते है।
कैन्डलस्टिक केवल खुला भाव, ऊपरी भाव, निचला भाव और बंद भाव ही नहीं दिखाती, लेकिन यदि वॉल्यूम के साथ उसका सही एनालिसिस किया जाए, तो खरीदार और विक्रेता क्या कर रहे है उसके बारे में भी अधिक जानकारी मिल सकती है। मार्केट के ट्रेन्ड, मोमेन्टम, आदि का अंदाजा भी उससे निकाला जा सकता है।
कैन्डल्स का एनालिसिस किस प्रकार करें, इस बारे में विस्तार से बात करने से पहले, मैं आपको "पाथ ऑफ प्राइस'’ के कन्सेप्ट का उपयोग करके कैन्डल्स को किस प्रकार से विज्युअलाइज करना चाहिए इस बारे में बताता हूँ। इससे नए लोगों के लिए कैन्डलस्टिक्स को समझना आसान हो जाता है।
पाथ ऑफ प्राइस और कुछ नहीं बल्कि एक कैन्डल किस तरह से तैयार होती है वह बताने का एक तरीका है। मान लीजिए कि किसी सिक्योरिटी का भाव रू.50 पर खुला और रू.40 तक नीचे गिरा और बाद में उसने रू.75 का टॉप बनाया और अंत में ट्रेडिंग सेशन पूर्ण होता है तब रू.70 के भाव से बंद हुआ। यदि इस प्रकार के भाव की जानकारी को कैन्डलस्टिक के माध्यम से दर्शाया जाता है तो एक बुलिश कैन्डल फॉर्मेशन बनाता है।
सरल शब्दों में, पाथ ऑफ प्राइस आपको बुलिश या बेअरीश कैन्डलस्टिक फॉर्मेशन के पिछे की सायकोलॉजी दिखाता है।
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- कैंडलस्टिक पैटर्न कितने प्रकार के होते हैं?
कैन्डलस्टिक्स का विस्तृत एनालिसिस
कैन्डलस्टिक्स का विस्तृत एनालिसिस करने के लिए आपको चार बातों पर खास ध्यान देना होगा -
- कैंडलस्टिक बॉडी की साइज।
- शैडो की लंबाई।
- बॉडी टू शैडो रेशिओ।
- कैंडलस्टिक बॉडी की पोजिशन।
महत्वपूर्ण नोट: ऊपर दर्शाए कैन्डलस्टिक के कोई भी एक या एक से अधिक पहलूओं को ही ध्यान में लेकर कभी भी ट्रेड न करें। उन सभी का एक साथ उपयोग करने पर ही संपूर्ण चित्र नज़र आता है। उसे ध्यान में लेकर ही ट्रेड करें।
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| कैन्डलस्टिक्स का विस्तृत एनालिसिस |
1. कैंडलस्टिक बॉडी की साइज
कैंडलस्टिक बॉडी की साइज दर्शाती है कि बुलिश या बेअरीश माहौल क्रा कितना मजबूत वर्चस्व है।
एक लाँग कैंडलस्टिक बॉडी, एक ही दिशा में ज्यादातर ट्रेडिंग और खरीदी या बिक्री का मजबूत दबाव दर्श है (स्ट्रेन्थ निश्चित करने के लिए अच्छा संकेत)।
एक शॉर्ट कैंडलस्टिक बॉडी, एक ही दिशा में हल्के ट्रेडिंग और खरीदी या बिक्री का कमज़ोर दबाव दर्शाती है (वीकन्तेरा निश्चित करने के लिए अच्छा संकेत)।
लाँग या शॉर्ट ट्रेडिंग पोजिशन लेने से पहले एक बात को खास ध्यान में रखना चाहिए कि यदि कैन्डल कि बॉडी वाईड अर्थात चौड़ी हो तो ट्रेड आपकी दिशा में होने की संभावना अधिक होती है। इसके विपरीत, यदि कैन्डल की बॉडी नैरो (संकरी) हो तो ट्रेड आपके खिलाफ जाने की संभावना अधिक होती है।
यदि कैंडलस्टिक बॉडी की साइज समय के साथ बढ़ती है (खासकर कई लगातार कैन्डल्स) तो वह सूचित करता है कि चल रहे ट्रेन्ड का मोमेन्टम बढ़ रहा है। ऐसे समय, ट्रेन्ड के खिलाफ कभी न जाएँ।
यदि कैंडलस्टिक बॉडी की साइज समय के अनुसार घटती है (खासकर कई लगातार कैन्डल्स) तो वह सूचित करता है कि चल रहे ट्रेन्ड का मोमेन्ट घट रहा है। ऐसे समय, ट्रेन्ड रिवर्सल के संकेत नज़र आते है।
यदि कैंडलस्टिक बॉडी कॉन्स्टन्ट हो तो ट्रेन्ड स्थिर (स्टेडी) होने का संकेत मिलता है।
- ट्रेडिंग में फ़ॉलिंग सपोर्ट (Falling Support) क्या है?
- ट्रेडिंग में फॉलिंग रेजिस्टेंस (Falling Resistance) क्या है?
- डायनामिक सपोर्ट और रेजिस्टेंस क्या होता है?
- राइजिंग रेजिस्टेंस (Rising Resistance) क्या है?
2. कैन्डलस्टिक शैडो की लंबाई
लाँग शैडो अनिश्चितता का संकेत हो सकता है तो शॉर्ट शैडो स्थिर मार्केट का संकेत हो सकता है, जिसमें अनिश्चितता कम होती है।
अपर शैडो बिक्री का दबाव होने का संकेत देता है, अर्थात भाव ऊपर जाने की संभावना नहीं है ऐसा संकेत देता है (रिजेक्शन ऑफ हायर प्राइस)।
लोअर शैडो खरीदी का दबाव होने का संकेत देता है, अर्थात भाव नीचे जाने की संभावना नहीं है ऐसा संकेत देता है (रिजेक्शन ऑफ लोअर प्राइस)।
3. बॉडी टू शैडो रेशिओ
जब ट्रेन्ड मजबूत होता है तब कैंडलस्टिक बॉडी शैडो की तुलना में लंबी होती है।
जब ट्रेन्ड कमज़ोर होने लगता है तब शैडो कैंडलस्टिक बॉडी की तुलना में लंबी होने लगती है।
जब साइडवे मूवमेन्ट या कन्सॉलिडेशन फेज होता है या ट्रेन्ड रिवर्सल होने की तैयारी होती है तब कैन्डलस्टिक की लंबी शैडो और छोटी बॉडी होती है।
4. कैंडलस्टिक बॉडी की पोजिशन
बुलिश कैन्डलस्टिक की बॉडी टॉप के पास हो तो वह ज्यादा बुलिश कैन्डल मानी जाती है, जो संकेत देती है कि खरीदी का दबाव बिक्री की तुलना में अधिक है।
बेअरीश कैन्डल की बॉडी बॉटम के पास हो तो वह ज्यादा बेअरीश कैन्डल मानी जाती है, जो संकेत देती है कि बिक्री का दबाव खरीदी की तुलना में अधिक है।
अब हमने ऊपर, जो सभी बातों को देखा है, उन्हें संक्षिप्त में दो चित्रों के द्वारा समझते है, जिसमें बुलिश और बेअरीश कैन्डल्स को उनके स्ट्रेन्थ के अनुसार दिखाया है।
निष्कर्ष
कैंडलस्टिक पैटर्न का एडवांस एनालिसिस आपको मार्केट की गहराई समझने में मदद करता है। यह सिर्फ पैटर्न पहचानने का खेल नहीं है, बल्कि मार्केट की सोच पढ़ने की कला है।
FAQs
1. क्या कैंडलस्टिक पैटर्न 100% सही होते हैं?
नहीं। कोई भी पैटर्न 100% गारंटी नहीं देता।
2. कैंडलस्टिक पैटर्न का एडवांस एनालिसिस कैसे सीखें?
चार्ट प्रैक्टिस, बैकटेस्ट और मल्टी-टाइमफ्रेम एनालिसिस से।
3. कौन सा पैटर्न सबसे ज्यादा काम करता है?
Engulfing और Pin Bar मजबूत माने जाते हैं, लेकिन संदर्भ जरूरी है।
4. क्या यह स्ट्रेटेजी इंट्राडे में काम करती है?
हाँ, लेकिन टाइमफ्रेम के अनुसार एडजस्ट करना होगा।
5. क्या केवल कैंडलस्टिक से ट्रेड कर सकते हैं?
हाँ, लेकिन सपोर्ट-रेजिस्टेंस और वॉल्यूम जोड़ना बेहतर है।
6. क्या शुरुआती लोग इसे सीख सकते हैं?
बिलकुल। बेसिक समझ के बाद धीरे-धीरे एडवांस स्तर पर जाएँ।


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