शेयर मार्केट और फॉरेक्स ट्रेडिंग में चार्ट पैटर्न (Chart Patterns) का बहुत महत्वपूर्ण स्थान है। जब हम कैंडलस्टिक चार्ट को ध्यान से देखते हैं, तो प्राइस की मूवमेंट कुछ खास आकृतियाँ बनाती है। इन्हीं आकृतियों को चार्ट पैटर्न कहा जाता है।
चार्ट पैटर्न यह टेक्निकल एनालिसिस का एक अभिन्न अंग है। यह सिक्योरिटी के भाव में परिवर्तन का विज्युअल रिप्रेझेन्टेशन होता है, जिसका आधार भूतकाल और वर्तमान के भाव पर होता है। वह सिक्योरिटी के भाव के बारे में सामूहिक मानव व्यवहार को दर्शाता है और उसके आधार पर भाव आगे किस दिशा में जाएगा इसका अंदाजा लगाया जाता है।
सरल शब्दों में कहें तो, चार्ट पैटर्न्स हमें यह पता लगाने में मदद करते है कि किसी सिक्योरिटी का भाव बढ़ाने और घटाने के लिए तेजीवालो और मंदीवालो के बीच प्रतिस्पर्धात्मक लड़ाई कौन जीतेगा।
चार्ट रीडिंग स्किल के आधार पर ट्रेडिंग करने वाले ट्रेडर्स, खरीदने और बेचने के बारे में बेहतर निर्णय ले सकते है। इस वजह से, यदि आपने हाल ही में ट्रेडिंग की शुरूआत की है, तो आपको चार्ट पैटर्न को पहचानना और उनका अर्थघटन करना सीखना जरूरी है।
चार्ट पैटर्न 'फॅक्टल इन नेचर' होते है, अर्थात आप उन्हें 15 मिनट, 30 मिनट, 1 घंटा, दैनिक, साप्ताहिक या मासिक ऐसे किसी भी टाइम फ्रेम पर लागू कर सकते है।
एक सफल ट्रेडर बनने के लिए आपको सबसे पहले चार्ट पैटर्न का अध्ययन करना चाहिए और यह समझने की कोशिश करनी चाहिए कि किसी भी सिक्योरिटी के भाव में किस प्रकार बदलाव होता है, इसके लिए नियमित अभ्यास की आवश्यकता होती है। प्रतिदिन विभिन्न सिक्योरिटीज़ के चार्ट देखने की आदत डालें।
चार्ट पैटर्न्स के प्रकार
चार्ट पैटर्न्स के दो प्रमुख प्रकार है - रिवर्सल और कन्टिन्युएशन पैटर्न्स।
जब चार्ट पर प्राइस एक्शन ट्रेन्ड की दिशा में बदलाव का संकेत देता हो तो ऐसे चार्ट पैटर्न्स को रिवर्सल पैटर्न्स के नाम से जाना जाता है।
सरल शब्दों में कहें तो, यदि आपको अपट्रेन्ड के दौरान रिवर्सल पैटर्न नज़र आया तो वह संकेत देता है कि भाव में अब गिरावट आ सकता है और यदि आपको डाउनट्रेन्ड के दौरान रिवर्सल पैटर्न नज़र आया तो वह संकेत देता है कि भाव में अब बढ़ोतरी हो सकती है।
वैसे ही, जब चार्ट पर प्राइस एक्शन मौजूदा ट्रेन्ड की दिशा में निरंतरता का संकेत देता हो तो ऐसे चार्ट पैटर्न्स को कन्टिन्युएशन पैटर्न्स के नाम से जाना जाता है।
सरल शब्दों में कहें तो, यदि आपको अपट्रेन्ड के दौरान कन्टिन्युएशन पैटर्न नज़र आया तो वह संकेत देता है कि भाव में हो रही बढ़ोतरी आगे भी जारी रहेगी और यदि डाउनट्रेन्ड के दौरान कन्टिन्युएशन पैटर्न नज़र आया तो समझना चाहिए कि भाव में हो रही गिरावट आगे भी जारी रहेगी।
इसके अलावा, कई न्यूट्रल पैटर्न्स भी है, जो ब्रेकआऊट की दिशा के आधार पर या तो रिवर्सल या कन्टिन्युएशन में से एक का संकेत देते है।
वैसे तो चार्ट पैटर्न अनेक है, लेकिन एक ट्रेडर के रूप में आपको सबसे सटीक परिणाम देने वाले और चार्ट पर अक्सर दिखने वाले पैटर्न्स को पहचानना सीखना चाहिए। नीचे मैंने कुछ महत्वपूर्ण चार्ट पैटर्न्स को दर्शाया है, जिनका उपयोग किसी भी प्रकार के फाइनान्शियल मार्केट में किया जा सकता है।
रिवर्सल चार्ट पैटर्न्स (Reversal Chart Patterns):
- हेड एंड शोल्डर (Head and Shoulders)
- इनवर्टेड हेड एंड शोल्डर (Inverted Head and Shoulders)
- डबल टॉप (Double Top)
- डबल बॉटम (Double Bottom)
- राउंडिंग बॉटम (Rounding Bottom)
- राउंडिंग टॉप (Rounding Top)
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| रिवर्सल पैटर्न |
1. हेड एंड शोल्डर (Head and Shoulders)
यह पैटर्न लोकप्रिय है, आसानी से पहचाना जा सकता है और सबसे विश्वसनीय ट्रेन्ड रिवर्सल पैटर्न में से एक है।
यह एक बेअरीश रिवर्सल पैटर्न है, जो एक निश्चित अपट्रेन्ड के बाद नज़र आता है और संकेत देता है कि पैटर्न पूरा होने के बाद उल्लेखनीय रिवर्सल दिखाई देगा। यह पैटर्न दर्शाता है कि खरीदारों ने अपना दाँव खो दिया है और भाव यहाँ से नीचे जाने की संभावना है।
जैसा कि नीचे दिए गए चार्ट में दर्शाया है, यह पैटर्न तीन टॉप द्वारा तैयार होता है, जिसमें पहला टॉप लेफ्ट शोल्डर कहलाता है, दुसरा टॉप (जो सबसे ऊँचा है) हेड के नाम से जाना जाता है और तीसरा टॉप राईट शोल्डर कहलाता है। लेफ्ट और राईट शोल्डर के बॉटम को जोड़ने वाली लाइन नेकलाइन कहलाती है। जब भाव नीचे की दिशा में नेकलाइन को तोड़ता है तभी पैटर्न पूरा हुआ, ऐसा माना जाता है।
जैसा कि ऊपर दिए गए चार्ट में नज़र आता है, दिर्घ बुलिश ट्रेन्ड के बाद भाव टॉप बनाता है और इसके बाद उसमें धीरे धीरे गिरावट होती है। दुसरा टॉप बनाने के लिए भाव फिर से बढ़ता है और पिछले टॉप से भी ऊपर जाता है और फिर से घटता है। भाव तीसरी बार फिर से बढ़ता है, लेकिन पहले टॉप के लेवल जितना ही बढ़ता है और फिर से गिरकर नेकलाइन तक आता है।
अब, एक बार भाव नेकलाइन को तोड़कर उसके नीचे जाता है, तब शॉर्ट एन्ट्री ली जाती है।
सामान्यरूप से इस पैटर्न के लिए संभावित टारगेट, हेड का टॉप और नेकलाइन के बीच के भाव के फर्क के बराबर, नेकलाइन के नीचे गिना जाता है।
पिछले पन्ने पर दर्शाए चार्ट के अनुसार राईट शोल्डर के टॉप पर स्टॉप लॉस लगाया जाता है।
जब भाव नेकलाइन तोड़कर उसके नीचे जाता है, तब वॉल्यूम में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई तो पैटर्न को अधिक विश्वसनीय माना जाता है।
2. इनवर्टेड हेड एंड शोल्डर (Inverted Head and Shoulders)
जैसा कि नाम दर्शाता है, ऊपर दर्शाए हेड एन्ड शोल्डर पैटर्न का यह इन्वर्टेड वर्जन है।
यह एक बुलिश रिवर्सल पैटर्न है, जो एक निश्चित डाउनट्रेन्ड के बाद नज़र आता है और संकेत देता है कि पैटर्न पूरा होने के बाद उल्लेखनीय रिवर्सल दिखाई देगा।
यह पैटर्न दर्शाता है कि विक्रेताओं ने अपना दाँव खो दिया है और भाव यहाँ से ऊपर जाने की संभावना है।
जैसा कि अगले पन्ने पर दिए गए चार्ट में दर्शाया है, यह पैटर्न तीन लो (नीचले लेवल) द्वारा तैयार होता है, जिसमें पहला लो लेफ्ट शोल्डर कहलाता है, दुसरा लो (जो सबसे नीचे है) हेड के नाम से जाना जाता है और तीसरा लो राईट शोल्डर कहलाता है। लेफ्ट और राईट शोल्डर के टॉप को जोड़ने वाली लाइन नेकलाइन कहलाती है। जब भाव ऊपर की दिशा में नेकलाइन को तोड़ता है तभी पैटर्न पूरा हुआ, ऐसा माना जाता है।
जैसा कि ऊपर दिए गए चार्ट में नज़र आता है, दिर्घ बेअरीश ट्रेन्ड के बाद भाव बॉटम बनाता है और इसके बाद उसमें धीरे धीरे बढ़ोतरी होती है। दुसरा लो बनाने के लिए भाव फिर से घटता है और पिछले लो से भी नीचे जाता है और फिर से बढ़ता है। भाव तीसरी बार फिर से घटता है, लेकिन पहले लो के लेवल जितना ही घटता है और फिर से बढ़कर नेकलाइन तक आता है।
अब, एक बार भाव नेकलाइन को तोड़कर उसके ऊपर जाता है, तब लाँग एन्ट्री ली जाती है।
सामान्यरूप से इस पैटर्न के लिए संभावित टारगेट, हेड का नीचले लेवल और नेकलाइन के बीच के भाव के फर्क के बराबर, नेकलाइन के ऊपर गिना जाता है।
जब भाव नेकलाइन तोड़कर उसके ऊपर जाता है, तब वॉल्यूम में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई तो पैटर्न अधिक विश्वसनीय माना जाता है।
3. डबल टॉप (Double Top)
यह एक बेअरीश रिवर्सल पैटर्न है, जो एक निश्चित अपट्रेन्ड के बाद नज़र आता है और संकेत देता है कि पैटर्न पूर्ण होने के बाद उल्लेखनीय रिवर्सल दिखाई देगा।
चार्ट पर इस पैटर्न को पहचानना आसान है। वह अंग्रेजी अक्षर (M) जैसा दिखता है। यह पैटर्न दर्शाता है कि खरीदारों ने अपनी बाजी गवाँ दी है और भाव यहाँ से नीचे जाने की संभावना है।
जैसा कि नीचे दिए चार्ट में दर्शाया है, यह पैटर्न लगातार दो टॉप और दो टॉप के बीच में मामूली गिरावट से तैयार होता है। दो टॉप के बीच तैयार हुए बॉटम पर से खींची हॉरिझोन्टल लाइन को नेकलाइन कहते है। जब भाव नीचे की दिशा में नेकलाइन को तोड़ता है तभी पैटर्न पूरा हुआ, ऐसा माना जाता है।
जैसा कि ऊपर दिए गए चार्ट में देखा जा सकता है, दिर्घ बुलिश ट्रेन्ड के बाद भाव टॉप बनाता है और उसके बाद उसमें धीरे धीरे गिरावट होती है। दुसरा टॉप बनाने के लिए भाव फिर से बढ़ता है और दुसरा टॉप बनाता है, जो पहले टॉप के लगभग समान होता है। इसके बाद भाव फिर से घटकर नेकलाइन तक आता है।
अब, एक बार भाव नेकलाइन को तोड़कर उसके नीचे जाता है, तब शॉर्ट एन्ट्री ली जाती है।
सामान्यरूप से इस पैटर्न के लिए संभावित टारगेट, डबल टॉप के टॉप का पॉइन्ट और नेकलाइन के बीच के भाव के फर्क के बराबर, नेकलाइन के नीचे गिना जाता है।
नेकलाइन को तोड़कर उसके नीचे जाने से पहले, भाव में सामान्यतः कुछ कन्सॉलिडेशन नज़र आता है और उसके बाद ब्रेकआऊट होता है। भाव थोड़ा ऊपर जाता है (माइनर स्विंग हाई) और वह इस पैटर्न के लिए स्टॉप लॉस एरिया बन जाता है। उचित स्तर पर स्टॉप लॉस को लगने से रिस्क रिवॉर्ड रेशिओ अनुकूल होता है।
जब भाव नेकलाइन तोड़कर उसके नीचे जाता है, तब वॉल्यूम में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई तो पैटर्न अधिक विश्वसनीय माना जाता है।
4. डबल बॉटम (Double Bottom)
यह एक बुलिश रिवर्सल पैटर्न है, जो एक निश्चित डाउनट्रेन्ड के बाद नज़र आता है और संकेत देता है कि पैटर्न पूर्ण होने के बाद उल्लेखनीय रिवर्सल दिखाई देगा।
चार्ट पर इस पैटर्न को पहचानना आसान है। वह अंग्रेजी अक्षर (W) जैसा दिखता है। यह पैटर्न दर्शाता है कि विक्रेताओं ने अपनी बाजी गवाँ दी है और भाव यहाँ से ऊपर जाने की संभावना है।
जैसा कि पिछले पन्ने पर दिए चार्ट में दर्शाया है, यह पैटर्न लगातार दो बॉटम और दो बॉटम के बीच में मामूली बढ़ोतरी से तैयार होता है। दो बॉटम के बीच तैयार हुए टॉप पर से खींची हॉरिझोन्टल लाइन को नेकलाइन कहते है। जब भाव ऊपर की दिशा में नेकलाइन को तोड़ता है तभी पैटर्न पूरा हुआ, ऐसा माना जाता है।
जैसा कि पिछले पन्ने पर दिए गए चार्ट में देखा जा सकता है, दिर्घ बेअरीश ट्रेन्ड के बाद भाव बॉटम बनाता है और उसके बाद उसमें धीरे धीरे बढ़ोतरी होती है। दुसरा बॉटम बनाने के लिए भाव फिर से घटता है और दुसरा टॉप बनाता है, जो पहले बॉटम के लगभग समान होता है। इसके बाद भाव फिर से बढ़कर नेकलाइन तक आता है।
अब, एक बार भाव नेकलाइन को तोड़कर उसके ऊपर जाता है, तब लाँग एन्ट्री ली जाती है।
सामान्यरूप से इस पैटर्न के लिए संभावित टारगेट, डबल बॉटम के नीचले पॉइन्ट और नेकलाइन के बीच के भाव के फर्क के बराबर, नेकलाइन के ऊपर गिना जाता है।
नेकलाइन को तोड़कर उसके ऊपर जाने से पहले, भाव में सामान्यतः कुछ कन्सॉलिडेशन नज़र आता है और उसके बाद ब्रेकआऊट होता है। भाव थोड़ा नीचे जाता है (माइनर स्विंग लो) और वह इस पैटर्न के लिए स्टॉप लॉस एरिया बन जाता है।
जब भाव नेकलाइन तोड़कर उसके ऊपर जाता है, तब वॉल्यूम में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई तो पैटर्न अधिक विश्वसनीय माना जाता है।
5. राउंडिंग बॉटम (Rounding Bottom)
यह एक लाँग टर्म बुलिश पैटर्न है, जो एक निश्चित डाउनट्रेन्ड और लंबे समय के कन्सॉलिडेशन के बाद नज़र आता है और संकेत देता है कि पैटर्न पूर्ण होने के बाद उल्लेखनीय रिवर्सल दिखाई देगा।
इस पैटर्न को चार्ट पर पहचानना आसान है क्योंकि यह कटोरी या तश्तरी के तल के समान दिखता है। इसलिए इस पैटर्न को सॉसर बॉटम पैटर्न भी कहते है।
यह पैटर्न दर्शाता है कि कन्सॉलिडेशन के समय के बाद, विक्रेताओं ने बाजी गवाँ दी है और भाव यहाँ से ऊपर जाने की संभावना है।
जैसा कि ऊपर दिए चार्ट में दर्शाया है, यह पैटर्न डाउनट्रेन्ड के बाद कन्सॉलिडेशन के समय में तैयार होता है। इस समय के दौरान भाव में गिरावट धीरे धीरे कम होती है, बॉटम तैयार होता है और उसके बाद भाव धीरे धीरे बढ़ने लगता है।
राऊन्डिंग बॉटम पैटर्न के बेअरीश और बुलिश बाजूओं के टॉप को स्पर्श करने वाली हॉरिझोन्टल लाइन को नेकलाइन कहते है। जब भाव ऊपर की दिशा में नेकलाइन को तोड़ता है तभी पैटर्न पूर्ण हुआ, ऐसा माना जाता है।
अब, एक बार भाव नेकलाइन को तोड़कर उसके ऊपर जाता है, तब लाँग एन्ट्री ली जाती है।
सामान्यरूप से इस पैटर्न के लिए संभावित टारगेट, राऊन्डिंग बॉटम का निचला स्तर और नेकलाइन के बीच के भाव के फर्क के बराबर, नेकलाइन के ऊपर गिना जाता है।
इस पैटर्न के मामले में, स्टॉप लॉस को स्विंग लो पर लगाया जाता है, जो भाव नेकलाइन को तोड़कर उसके ऊपर जाने से पहले नज़र आता है, जिसे पिछले पन्ने पर चार्ट में दर्शाया है। ऐसा करने से रिस्क रिवॉर्ड रेशिओ अनुकूल होता है।
जब डाउनट्रेन्ड के दरम्यान वॉल्यूम में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होती है है और उसके बाद कन्सॉलिडेशन के वक्त फ्लैट या कम वॉल्यूम नज़र आता है और फिर से जब भाव नेकलाइन को तोड़कर उसके ऊपर जाता है तब वॉल्यूम में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई तो पैटर्न को अधिक विश्वसनीय माना जाता है।
इस पैटर्न को आमतौर पर लाँग टर्म पैटर्न माना जाता है और इसलिए साप्ताहिक या मासिक चार्ट पर यह पैटर्न तैयार होता है तब वह स्पष्ट संकेत देता है।
6. राउंडिंग टॉप (Rounding Top)
यह एक लाँग टर्म बेअरीश पैटर्न है, जो एक निश्चित अपट्रेन्ड और लंबे समय के कन्सॉलिडेशन के बाद नज़र आता है और वह संकेत देता है कि पैटर्न पूर्ण होने के बाद उल्लेखनीय रिवर्सल दिखाई देगा।
इस पैटर्न को चार्ट पर पहचानना आसान है। यह राऊन्डिंग बॉटम पैटर्न से विपरीत है और उसे इन्वर्टेड सॉसर बॉटम पैटर्न के नाम से जाना जाता है। यह पैटर्न दर्शाता है कि कन्सॉलिडेशन के समय के बाद, खरीदारों ने बाजी गवाँ दी है और भाव यहाँ से नीचे जाने की संभावना है।
यह पैटर्न अपट्रेन्ड के बाद कन्सॉलिडेशन के दौरान तैयार होता है। इस समय के दौरान भाव की बढ़त धीरे धीरे कम होती है, टॉप तैयार होता है और उसके बाद भाव धीरे धीरे घटने लगता है।
राऊन्डिंग टॉप पैटर्न के बुलिश और बेअरीश बाजुओं के टॉप को स्पर्श करने वाली हॉरिझोन्टल लाइन को नेकलाइन कहते है। जब भाव नीचे की दिशा में नेकलाइन को तोड़ता है, तभी पैटर्न पूर्ण हुआ, ऐसा माना जाता है।
अब, एक बार भाव नेकलाइन को तोड़कर उसके नीचे जाता है, तब शॉर्ट एन्ट्री ली जाती है।
सामान्यरूप से इस पैटर्न के लिए संभावित टारगेट, राऊन्डिंग बॉटम का ऊपरी स्तर और नेकलाइन के बीच के भाव के फर्क के बराबर, नेकलाइन के नीचे गिना जाता है।
इस पैटर्न के मामले में, स्टॉप लॉस को स्विंग हाई पर लगाया जाता है, जो भाव नेकलाइन को तोड़कर उसके नीचे जाने से पहले नज़र आता है, जिसे पिछले पन्ने पर चार्ट में दर्शाया है। ऐसा करने से रिस्क रिवॉर्ड रेशिओ अनुकूल होता है।
जब अपट्रेन्ड के दरम्यान वॉल्यूम में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होती है और उसके बाद कन्सॉलिडेशन के वक्त फ्लैट या कम वॉल्यूम नज़र आता है और फिर से जब भाव नेकलाइन को तोड़कर उसके नीचे जाता है तब वॉल्यूम में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई तो पैटर्न को अधिक विश्वसनीय माना जाता है।
इस पैटर्न को आमतौर पर लाँग टर्म पैटर्न माना जाता है और इसलिए साप्ताहिक या मासिक चार्ट पर यह पैटर्न तैयार होता है तब वह स्पष्ट संकेत देता है।
कन्टिन्यूएशन चार्ट पैटर्न्स (Continuation Chart Patterns) :
- असेंडिंग ट्रायंगल (Ascending Triangle)
- डिसेंडिंग ट्रायंगल (Descending Triangle)
- बुलिश रेक्टेंगल पैटर्न (Bullish Rectangle Pattern)
- बेयरिश रेक्टेंगल पैटर्न (Bearish Rectangle Pattern)
- कप एंड हैंडल पैटर्न (Cup and Handle Pattern)
- इनवर्टेड कप एंड हैंडल (Inverted Cup and Handle)
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| कंटिन्यूएशन चार्ट पैटर्न |
1. असेंडिंग ट्रायंगल (Ascending Triangle)
यह एक बुलिश कन्टिन्यूएशन पैटर्न है, जो अपट्रेन्ड के दौरान नज़र आता है और संकेत देता है कि पैटर्न पूरा होने के बाद सिक्योरिटी का भाव बढ़ना जारी रहेगा।
यह पैटर्न दर्शाता है कि खरीदार बहुत ही आक्रमक हो गए है और एक बार भाव पैटर्न को तोड़कर (ब्रेकआऊट देकर) ऊपर जाता है, तो भाव में और बढ़ोतरी होने की संभावना है।
जैसा कि ऊपर दिए गए चार्ट में दर्शाया है, यह पैटर्न राइजिंग लोअर ट्रेन्ड लाइन (सपोर्ट लाइन) और फ्लैट होरिझोन्टल ट्रेन्डलाइन (रेजिस्टन्स लाइन) के बीच में तैयार होता है। यह दर्शाता है कि पिछला ट्रेन्ड जारी रहेगा और संकेत देता है कि खरीदार विक्रेताओं से अधिक आक्रमक हो गए है, क्योंकि भाव हायर लो बनाना जारी रखता है।
कन्टिन्यूएशन साइड पर ब्रेकआऊट नज़र आने के बाद ही यह पैटर्न पूर्ण होता है, यानी जब भाव रेजिस्टन्स को तोड़कर आगे बढ़ता है, तभी यह पैटर्न पूर्ण होता है और उस समय लाँग एन्ट्री ली जाती है।
यह बहुत ही पॉवरफुल कन्टिन्यूएशन चार्ट पैटर्न है। इसलिए यदि ट्रेडर पिछले अपट्रेन्ड में लाँग पोजिशन लेने से चूक गए हो तो उन्हें फिर से सिक्योरिटी में एन्टर होने का मौका मिलता है।
सामान्यरूप से इस पैटर्न के लिए संभावित टारगेट, असेंडिंग ट्रायंगल के सबसे मोटे पॉइन्ट की उँचाई (हाइट) के बराबर, ब्रेकआऊट पॉइन्ट के ऊपर गिना जाता है।
इस पैटर्न के मामले में, स्टॉप लॉस को स्विंग लो पर लगाया जाता है, जो भाव रेजिस्टन्स को तोड़कर उसके ऊपर जाने से पहले नज़र आता है, जिसे पिछले पन्ने पर चार्ट में दर्शाया है। ऐसा करने से रिस्क-रिवॉर्ड रेशिओ अनुकूल होता है।
जब अपट्रेन्ड के दरम्यान वॉल्यूम में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होती है और उसके बाद कन्सॉलिडेशन के वक्त भाव जब ट्राइऐंगल में होता है तब फ्लैट या कम वॉल्यूम नज़र आता है और फिर से जब भाव पैटर्न को तोड़कर (ब्रेकआऊट देकर) ऊपर जाता है तब वॉल्यूम में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई तो पैटर्न को अधिक विश्वसनीय माना जाता है।
2. डिसेंडिंग ट्रायंगल (Descending Triangle)
यह एक बेअरीश कन्टिन्यूएशन पैटर्न है, जो डाउनट्रेन्ड के दौरान नज़र आता है और संकेत देता है कि पैटर्न पूरा होने के बाद सिक्योरिटी का भाव गिरना जारी रहेगा।
यह पैटर्न दर्शाता है कि विक्रेता बहुत ही आक्रमक हो गए है और एक बार भाव पैटर्न को तोड़कर (ब्रेकआऊट देकर) नीचे जाता है, तो भाव में और गिरावट होने की संभावना है।
जैसा कि ऊपर दिए गए चार्ट में दर्शाया है, यह पैटर्न फॉलिंग अपर ट्रेन्ड लाइन (रेजिस्टन्स लाइन) और फ्लैट होरिझोन्टल ट्रेन्डलाइन (सपोर्ट लाइन) के बीच में तैयार होता है। यह दर्शाता है कि पिछला ट्रेन्ड जारी रहेगा और संकेत देता है कि विक्रेता खरीदारों से अधिक आक्रमक हो गए है, क्योंकि भाव लोअर हाई बनाना जारी रखता है।
कन्टिन्यूएशन साइड पर ब्रेकआऊट नज़र आने के बाद ही यह पैटर्न पूर्ण होता है, यानी जब भाव सपोर्ट को तोड़कर और भी घटता है, तभी यह पैटर्न पूर्ण होता है और उस समय शॉर्ट एन्ट्री ली जाती है।
सामान्यरूप से इस पैटर्न के लिए संभावित टारगेट, डिसेंडिंग ट्रायंगल के सबसे मोटे पॉइन्ट की उँचाई (हाइट) के बराबर, ब्रेकआऊट पॉइन्ट के नीचे गिना जाता है।
इस पैटर्न के मामले में, स्टॉप लॉस को स्विंग हाई पर लगाया जाता है, जो भाव सपोर्ट को तोड़कर उसके नीचे जाने से पहले नज़र आता है, जिसे पिछले पन्ने पर चार्ट में दर्शाया है। ऐसा करने से रिस्क रिवॉर्ड रेशिओ अनुकूल होता है।
जब डाउनट्रेन्ड के दरम्यान वॉल्यूम में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होती है और उसके बाद कन्सॉलिडेशन के वक्त भाव जब ट्राइऐंगल में होता है तब फ्लैट या कम वॉल्यूम नज़र आता है और फिर से जब भाव पैटर्न को तोड़कर (ब्रेकआऊट देकर) नीचे जाता है तब वॉल्यूम में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई तो पैटर्न को अधिक विश्वसनीय माना जाता है।
3. बुलिश रेक्टेंगल पैटर्न (Bullish Rectangle Pattern)
यह एक बुलिश कन्टिन्यूएशन पैटर्न है, जो अपट्रेन्ड के दौरान नज़र आता है और संकेत देता है कि पैटर्न पूरा होने के बाद सिक्योरिटी का भाव बढ़ना जारी रहेगा।
यह पैटर्न दर्शाता है कि खरीदारों और विक्रेताओं के बीच रस्साकशी शुरू थी और अंततः खरीदारों ने दाँव जीत लिया और इसलिए ऊपर की दिशा में ब्रेकआऊट नज़र आया। उसके बाद, खरीदार आक्रमक हो गए अधिक ऊपर गया।
जैसा कि पिछले पन्ने पर दिए गए चार्ट में दर्शाया है, यह पैटर्न फ्लैट अपर ट्रेन्डलाइन (रेजिस्टन्स लाइन) और फ्लैट लोअर ट्रेन्डलाइन (सपोर्ट लाइन) के बीच में तैयार होता है।
कन्टिन्यूएशन साइड पर ब्रेकआऊट नज़र आने के बाद ही यह पैटर्न पूर्ण होता है, यानी जब भाव रेजिस्टन्स को तोड़कर आगे बढ़ता है, तभी यह पैटर्न पूर्ण होता है और उस समय लाँग एन्ट्री ली जाती है।
यह बहुत ही पॉवरफुल कन्टिन्यूएशन चार्ट पैटर्न है। इसलिए यदि ट्रेडर पिछले अपट्रेन्ड में लाँग पोजिशन लेने से चूक गए हो तो उन्हें फिर से सिक्योरिटी में एन्टर होने का मौका मिलता है।
सामान्यरूप से इस पैटर्न के लिए संभावित टारगेट, रेक्टेंगल की ऊँचाई अर्थात दो फ्लैट ट्रेन्डलाइन के बीच की हाईट के बराबर, ब्रेकआऊट के ऊपर गिना जाता है।
इस पैटर्न के मामले में, स्टॉप लॉस को स्विंग लो पर लगाया जाता है, जो भाव रेजिस्टन्स को तोड़कर उसके ऊपर जाने से पहले नज़र आता है, जिसे पिछले पन्ने पर चार्ट में दर्शाया है।
जब अपट्रेन्ड के दरम्यान वॉल्यूम में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होती है और उसके बाद कन्सॉलिडेशन के वक्त भाव जब रेक्टेंगल में होता है तब फ्लैट या कम वॉल्यूम नज़र आता है और फिर से जब भाव पैटर्न को तोड़कर (ब्रेकआऊट देकर) ऊपर जाता है तब वॉल्यूम में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई तो पैटर्न को अधिक विश्वसनीय माना जाता है।
4. बेयरिश रेक्टेंगल पैटर्न (Bearish Rectangle Pattern)
यह एक बेअरीश कन्टिन्यूएशन पैटर्न है, जो डाउनट्रेन्ड के दौरान नज़र आता है और संकेत देता है कि पैटर्न पूरा होने के बाद सिक्योरिटी का भाव गिरना जारी रहेगा।
यह पैटर्न दर्शाता है कि खरीदारों और विक्रेताओं के बीच रस्साकशी शुरू थी और अंततः विक्रेताओं ने दाँव जीत लिया और इसलिए नीचे की दिशा में ब्रेकआऊट नज़र आया। उसके बाद, विक्रेता आक्रमक हो गए और भाव अधिक नीचे गया
जैसा कि ऊपर दिए गए चार्ट में दर्शाया है, यह पैटर्न फ्लैट अपर ट्रेन्डलाइन (रेजिस्टन्स लाइन) और फ्लैट लोअर ट्रेन्डलाइन (सपोर्ट लाइन) के बीच में तैयार होता है।
कन्टिन्यूएशन साइड पर ब्रेकआऊट नज़र आने के बाद ही यह पैटर्न पूर्ण होता है, यानी जब भाव सपोर्ट को तोड़कर और भी घटता है, तभी यह पैटर्न पूर्ण होता है और उस समय शॉर्ट एन्ट्री ली जाती है।
सामान्यरूप से इस पैटर्न के लिए संभावित टारगेट, रेक्टेंगल की ऊँचाई अर्थात दो फ्लैट ट्रेन्डलाइन के बीच की हाईट के बराबर, ब्रेकआऊट के नीचे गिना जाता है।
इस पैटर्न के मामले में स्टॉप लॉस को स्विंग हाई पर लगाया जाता है, जो भाव सपोर्ट को तोड़कर उसके नीचे जाने से पहले नज़र आता है, जिसे पिछले पन्ने पर चार्ट में दर्शाया है।
जब डाउनट्रेन्ड के दरम्यान वॉल्यूम में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होती है और उसके बाद कन्सॉलिडेशन के वक्त भाव जब रेक्टेंगल में होता है तब फ्लैट या कम वॉल्यूम नज़र आता है और फिर से जब भाव पैटर्न को तोड़कर (ब्रेकआऊट देकर) नीचे जाता है तब वॉल्यूम में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई तो पैटर्न अधिक विश्वसनीय माना जाता है।
5. कप एंड हैंडल पैटर्न (Cup and Handle Pattern)
यह एक बुलिश कन्टिन्यूएशन पैटर्न है, जो अपट्रेन्ड के दौरान नज़र आता है और संकेत देता है कि पैटर्न पूरा होने के बाद सिक्योरिटी का भाव बढ़ना जारी रहेगा।
पैटर्न को उसके आकार से यह नाम मिला है, जो हैन्डल के साथ वाले एक पारंपरिक चाय के कप जैसा दिखता है।
यह सबसे ज्यादा दिखने वाले पैटर्न में से एक है, जिसका उपयोग दुनिया भर में व्यापक रूप से किया जाता है। मजबूत अपट्रेन्ड का अंदाजा लगाने के लिए और उसके आधार पर लाँग पोजिशन लेने के लिए उसका व्यापक रूप से उपयोग होता है।
यह पैटर्न कप या बाऊल के आकार से पहचाना जाता है, जो कन्सॉलिडेशन पीरियड के बेस (आधार) के रूप में कार्य करता है। उसके बाद हैन्डल नज़र आता है, जो नीचे की ओर झुककर शॉर्ट पुलबैक को दर्शाता है। कप के टॉप पर दिखाई गई होरिझोन्टल लाइन को नेकलाइन के नाम से जाना जाता है।
हैन्डल तैयार होने के बाद भाव ऊपर की दिशा में नेकलाइन को तोड़ता है तभी पैटर्न पूरा हुआ ऐसा माना जाता है। उस समय सिक्योरिटी में लाँग एन्ट्री ली जाती है।
यह बहुत ही पॉवरफुल कन्टिन्यूएशन चार्ट पैटर्न है। इसलिए यदि ट्रेडर पिछले अपट्रेन्ड में लॉग पोजिशन लेने से चूक गए हो तो उन्हें ब्रेकआऊट के स्तर पर, सिक्योरिटी में फिर से एन्टर होने का मौका मिलता है।
सामान्यरूप से इस पैटर्न के लिए संभावित टारगेट, कप की ऊँचाई अर्थात नेकलाइन और कप के बॉटम के बीच की हाईट के बराबर, ब्रेकआऊट पॉइन्ट के ऊपर गिना जाता है।
इस पैटर्न के मामले में, स्टॉप लॉस को हैन्डल के सबसे नीचले पॉइन्ट पर लगाया जाता है। ऊपर दिए गए चार्ट में वह दर्शाया है।
जब भाव नेकलाइन को तोड़कर उसके ऊपर जाता है, तब वॉल्यूम में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई तो पैटर्न को अधिक विश्वसनीय माना जाता है।
6. इनवर्टेड कप एंड हैंडल (Inverted Cup and Handle)
जैसा कि नाम दर्शाता है, ऊपर दर्शाए कप एन्ड हैन्डल पैटर्न का यह इन्वर्टेड वर्जन है।
यह एक बेअरीश कन्टिन्यूएशन पैटर्न है, जो डाउनट्रेन्ड के दौरान नज़र आता है और संकेत देता है कि पैटर्न पूरा होने के बाद सिक्योरिटी का भाव गिरना जारी रहेगा।
यह सबसे ज्यादा दिखने वाले पैटर्न में से एक है, जिसका उपयोग दुनिया भर में व्यापक रूप से किया जाता है। मजबूत डाउनट्रेन्ड का अंदाजा लगाने के लिए और उसके आधार पर शॉर्ट पोजिशन लेने के लिए उसका व्यापक रूप से उपयोग होता है।
यह पैटर्न इन्वर्टेड कप या बाऊल के आकार का होता है, जो कन्सॉलिडेशन पीरियड के बेस (आधार) के रूप में कार्य करता है। उसके बाद हैन्डल नज़र आता है, जो ऊपर की ओर झुककर शॉर्ट पुलबैक को दर्शाता है।
इन्वर्टेड कप के बॉटम पर दिखाई गई होरिझोन्टल लाइन को नेकलाइन के नाम से जाना जाता है।
हैन्डल तैयार होने के बाद भाव नीचे की दिशा में नेकलाइन को तोड़ता है तभी पैटर्न पूरा हुआ ऐसा माना जाता है। उस समय सिक्योरिटी में शॉर्ट एन्ट्री ली जाती है।
सामान्यरूप से इस पैटर्न के लिए संभावित टारगेट, कप की ऊँचाई अर्थात नेकलाइन और कप के टॉप के बीच की हाईट के बराबर, ब्रेकआऊट पॉइन्ट के नीचे गिना जाता है।
इस पैटर्न के मामले में, स्टॉप लॉस को हैन्डल के सबसे ऊपरी पॉइन्ट पर लगाया जाता है। ऊपर दिए गए चार्ट में वह दर्शाया है।
जब भात्र नेकलाइन को तोड़कर उसके नीचे जाता है, तब वॉल्यूम में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई तो पैटर्न को अधिक विश्वसनीय माना जाता है।
निष्कर्ष
तो अब आपको स्पष्ट हो गया होगा कि चार्ट पैटर्न मुख्य रूप से 2 प्रकार के होते हैं — Reversal, Continuation
अगर आप सही तरीके से इन पैटर्न्स को समझ लें और रिस्क मैनेजमेंट के साथ ट्रेड करें, तो आपकी ट्रेडिंग स्ट्रेटेजी काफी मजबूत हो सकती है।
FAQs
Q1. चार्ट पैटर्न सीखने में कितना समय लगता है?
यह आपकी प्रैक्टिस पर निर्भर करता है। 2–3 महीने की नियमित प्रैक्टिस से अच्छी समझ विकसित हो सकती है।
Q2. क्या चार्ट पैटर्न 100% सही होते हैं?
नहीं। कोई भी पैटर्न 100% गारंटी नहीं देता। इसलिए स्टॉप लॉस जरूरी है।
Q3. कौन सा चार्ट पैटर्न सबसे ज्यादा भरोसेमंद है?
Head and Shoulders, Double Bottom और Cup & Handle काफी लोकप्रिय और भरोसेमंद माने जाते हैं।


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